1. Hindi News
  2. मध्य-प्रदेश
  3. "हिंदू छांगुर बाबा जैसे लोगों के चक्कर में न फंसें, बजरंग बाबा के चक्कर में फंसें", बोले धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री

"हिंदू छांगुर बाबा जैसे लोगों के चक्कर में न फंसें, बजरंग बाबा के चक्कर में फंसें", बोले धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री

 Reported By: Anurag Amitabh,  Written By: Rituraj Tripathi
 Published : Oct 14, 2026 04:29 pm IST,  Updated : Oct 14, 2026 04:29 pm IST

बागेश्वर धाम बाबा धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि हिंदू छांगुर बाबा जैसे लोगों के चक्कर में न फंसें, बजरंग बाबा के चक्कर में फंसें।

Dhirendra Krishna Shastri- India TV Hindi
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री Image Source : YOUTUBE/@BAGESHWARDHAMSARKAR

भोपाल: बागेश्वर धाम बाबा धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की यात्रा का आज चौथा दिन है। वह सागर से टीकमगढ़ की यात्रा पर निकले हैं। हर दो किलोमीटर पर ग्रामीणों द्वारा स्वागत किया जा रहा है। हर गांव में बाबा के साथ आ रही श्रद्धालुओं की टीम के लिए भोजन प्रसादी की व्यवस्था भी है। हर गांव की सैकड़ों महिलाएं सिर पर कलश लेकर और आरती लेकर बाबा के स्वागत की तैयारी में हैं। 

बाबा बागेश्वर की नई मुहिम "पहले घर संभालेंगे फिर देश संभालेंगे"

बाबा बागेश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा, "तीन दिन की 300 किलोमीटर की यात्रा संपन्न हुई। आज 400 किलोमीटर पार कर जाएंगे और कल यात्रा का विश्राम छतरपुर में होगा और रेलवे स्टेशन ग्राउंड में वहां पर दिव्यता के साथ सायंकाल छतरपुर की समापन की तैयारी जोरों से है। यह राम-नैतिक यात्रा अपने आप में बहुत अद्भुत हुई, भव्य हुई। इसमें आस्था भी था, धैर्य भी था और संकल्प भी था, कोई विकल्प नहीं था। सिर्फ संकल्प था हिंदू एकता का, नशा मुक्ति का, जिससे बुंदेलखंड हमारा विशेष रूप से जूझ रहा और विशेष शहरों में लव जिहाद पर विशेष प्रखर-मुखर होकर लोगों ने संकल्प भी लिया और विचार भी रखे।"

धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा, "जिनका उद्देश्य राजनीति करना अथवा राजनीति में जाना है, वो राजनीतिक यात्रा होती है। जिनका उद्देश्य सिर्फ राम के संवाद को जन-जन तक पहुंचाना है, उनकी प्रत्येक यात्रा राम-नैतिक होती है।"

धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा, "अभी वर्तमान में तो हम कहते हैं कि अपना घर संभाल लिया जाए, फिर पूरा देश संभाला जा सकता है। पहले घर में ठीक कर लिया जाए, फिर देश ठीक करें। तो अभी हमारे मध्य प्रदेश के कुछ जिलों में लव जिहाद के बहुत मामले बढ़ते जा रहे हैं । हमने बेटियों को एक संदेश दिया कि तुम मर जाना, पर भूल करके भी दूसरे मजहब वालों पर भरोसा नहीं करना और क्यों करना चाहिए? कुछ प्रायोजित तरीके से, श्रद्धा जैसे कांड जो सामने आए हैं, निश्चित रूप से यह बहुत हृदय विदारक हैं। हम चाहते हैं हमारी सनातन की बेटियां ऐसे किसी भी चंगुल में न फंसें और कोई भी हमारा हिंदू, किसी भी छांगुर बाबा जैसे लोगों के चक्कर में न फंसे, बजरंग बाबा के चक्कर में फंसे, यह हमारा उद्देश्य है, इसलिए यह यात्रा है।"

गरबा पंडालों के बाहर गोमूत्र रखना चाहिए: धीरेंद्र 

धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा, "कुछ लोग नाम बदलकर, वेश बदलकर आते हैं तो हमें लगता है कि गरबा पंडालों के बाहर गोमूत्र रखना चाहिए। गोमूत्र का छिड़काव और पान के लिए चरणामृत दिया जाना चाहिए, उससे पक्का पता हो जाएगा।"

उन्होंने कहा कि हमारे 24 अवतारों में एक अवतार वराह भगवान का अवतार है। वो भी पूजा के लिए है तो जो भी वहां जाए, वराह भगवान को फूल चढ़ाए, फिर प्रवेश करे।

धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि हम हिंदू-मुस्लिम बिल्कुल भी नहीं करते, अब एक बात समझने जैसी है, हम अपनी संस्कृति, अपने सनातन के विचारों को प्रचारित कर रहे हैं और बचाने की अगर बात कर रहे हैं, तो यह हिंदू-मुस्लिम नहीं है। हिंदू-मुस्लिम तब होता है, जब हम इस्लाम के खिलाफ बोलें, इस्लाम कुरान के खिलाफ बोलें अथवा उनके जो भगवान हैं उनके खिलाफ बोलें, अली के खिलाफ बोलें, तो हम हिंदू-मुस्लिम कर रहे हैं। हम किसी के खिलाफ नहीं बोलते। यही हमारी सबसे अद्भुत हमें लगता कि भगवान की कृपा है कि हम किसी के खिलाफ नहीं बोलते, हम अपने पक्ष में बोलते हैं। अपने पक्ष में बोलने पर स्वाभाविक है कई लोगों को बुरा लगता है।

जागृति ही एक सबसे बड़ा उपाय

धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा, "जागृति ही एक सबसे बड़ा उपाय है। जन-जागृति से समाज में बदलाव आता है। इस देश में सनातन मूल है। भारत में जन्म लेने वाला प्रत्येक व्यक्ति सनातनी है, वो माने अथवा न माने। इस देश में जितने भी इस्लाम धर्म को मानने वाले लोग हैं, वे भी अपने हृदय पर हाथ रखें तो उनके दिल में भी सनातनी धड़कन है।"

धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा, "कल्पना में जीने से बेहतर है कि वास्तविक जीवन जिया जाए, प्रैक्टिकल लाइफ जी जाए। चाहें वो पूजा हो, चाहे वो धर्म हो अथवा व्यवस्था हो अथवा आचरण हो, इसमें प्रैक्टिकल होना चाहिए, वरना व्यक्ति को फोबिया हो जाता है।"

धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा, "देखिए, हमें अपनी बात तो रखनी ही चाहिए, उसमें कोई दिक्कत नहीं। जेन-जी को भी अपनी बात रखनी चाहिए, उसमें कोई दिक्कत नहीं। पर उससे दंगा न भड़के, देश का माहौल खराब न हो और किसी सरकार के या किसी व्यक्ति के हर काम के पीछे पड़ जाना, हमें लगता है कि अपनी बात रखना..कई बार अपने-अपने अलग-अलग संकल्प होते हैं और यह कहेंगे कि जेन-जी बहुत समझदार है और हमें भरोसा है कि वो इस देश की गति और प्रगति दोनों पर आने वाले दिनों में बहुत काम करेगी।"

गौरतलब है कि धीरेंद्र शास्त्री अपने बयानों की वजह से अक्सर चर्चा में रहते हैं। उन्होंने इंडिया टीवी के कार्यक्रम आप की अदालत में एक मजेदार किस्सा सुनाया था। इस दौरान पता लगा था कि कैसे लंदन में एक बाथरूम के अंदर अटक गए थे धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री?

ये भी पढ़ें-

नारायण पर्वत से 21 दिनों की एकांत नारायण और हनुमत साधना पूरी करके वापस लौटे धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री, देखें तस्वीर

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। मध्य-प्रदेश से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।